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स्टैच्यू_ऑफ_यूनिटी सरदारव ल्लभ भाई पटेल

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स्टैच्यू_ऑफ_यूनिटी सरदारव ल्लभ भाई पटेल #लौह_पुरुष सरदारव ल्लभ भाई पटेल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की महत्वकांक्षी परियोजना स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा अब पूरी तरह बन कर तैयार है. 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री मोदी इसका उद्घाटन करने वाले है.

आइए जानते है इस प्रतिमा से जुड़ी कुछ खास बातें

★ गुजरात सरकार द्वारा 7 अक्टूबर 2010 को इस परियोजना की घोषणा की गयी थी.

★ गुजरात के मुख्यमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2013 को सरदार पटेल के जन्मदिवस के मौके पर इस विशालकाय मूर्ति के निर्माण का शिलान्यास किया.

★ यह स्मारक सरदार सरोवर बांध से 3.2 किमी की दूरी पर साधू बेट नामक स्थान पर है जो कि नर्मदा नदी पर एक टापू है.

★ प्रतिमा का निर्माण इस्पात के फ्रेम, प्रबलित सीमेण्ट कंक्रीट और काँसे की पर्त चढ़ाकर किया गया है.

★ टर्नर कन्स्ट्रक्शन, जो बुर्ज ख़लीफ़ा के सलाहकार थे, उन्हीं के सहयोगी संगठन - माइकल ग्रेव्स एण्ड एसोशिएट्स एवं मीनहार्ड ग्रुप दोनों मिलकर पूरी परियोजना की निगरानी की है.

★ पूरी परियोजना में प्रतिमा और अन्य भवन, जिनमें स्मारक, आग…

मिश्रा जी का हँसता खेलता खुशहाल परिवार

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मिश्रा जी का हँसता खेलता खुशहाल परिवार
पड़ोस में मिश्रा जी का हँसता खेलता खुशहाल परिवार रहता है... मिश्रा  जी ओएनजीसी से रिटायर्ड है... उनकी सराफा बाजार में ज्वेलरी की बड़ी सी दुकान भी है... बड़े बेटे ने पिछले साल ही सिविल क्रैक किया है... दूसरे नम्बर की बेटी डॉक्टर है, मिश्रा  जी ने शहर के ही एक बड़े डॉक्टर से उसका रिश्ता तय किया है... तीसरा और सबसे छोटा बेटा इसी साल हाई स्कूल फर्स्ट डिवीजन पास कर के फर्स्ट ईयर की तैयारी कर रहा है... कुल मिलाकर मिश्रा  जी और उनके परिवार पर ईश्वर की विशेष कृपा है... लेकिन कहते है कि खुशियों को नज़र भी बड़ी जल्दी लगती है...

पिछले कुछ दिनों से मिश्रा  जी का सबसे छोटा बेटा अचानक ही खामोश और गुमसुम सा रहने लगा... सारा दिन मोबाइल में आंखे गड़ाए रहता... मोबाइल में कुछ देखते देखते गुस्से से उसकी भृकुटि तन जाती... कभी क्रोध से आँखों मे लाल डोरे तैरने लगते तो कभी आँखों से आँसू बहने लगते... कभी अचानक मुठ्ठी भींच लेता, अचानक ही उसकी भुजाएँ फड़फड़ाने लगती तो कभी अचानक ही वो निढाल होकर बिस्तर पर लुढ़क जाता और सिसकने लगता... रात को अचानक ही नींद से जाग जाता, बिस्तर से उठकर …

बेरोजगारी का आलम वोट किसको दे

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बेरोजगारी का आलम वोट किसको दे 
 मोदी ... मोदी बड़ी असमंजस सी हो गयी है...!

*आखिर किसको वोट दिया जाये, किसको नहीं ! बेरोजगारी का आलम ऐसा है कि सोचने पर BJP से भरोसा उठ जाता है। और देश के बारे में सोचते हैं तो दूसरी पार्टियों से भरोसा उठ जाता है।*

 त्रिपुरा में BJP की जीत पर वंदेमातरम के नारे लगे ।
 अररिया में राजद की जीत
 पर पाकिस्तान जिंदाबाद के
  नारे लगे ।
*बेरोजगारी तो बर्दाश्त है, लेकिन पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा बर्दाश्त नहीं होता है।*

 कमियां तो हर सरकार में होती है, पर सारी देशद्रोही ताकतों को भाजपा से इतनी नफरत देख भाजपा के साथ खड़ा रहने का इरादा और पक्का हो जाता है।

 *राज ठाकरे से लेकर राहुल गांधी तक ,*
*चंद्रबाबू से लेकर शरद बाबू तक,*
 *येचुरी से लेकर अब्दुल्ला तक,*
 *लालू से लेकर अखिलेश तक,*
 *मायावती से लेकर ममता बनर्जी तक !*

*सब नेता एक आदमी को हराने को एक साथ खड़े हो गए हैं। कुछ तो जरूर सही किया है बंदे ने, तभी तो अपनी दुकान बचाने के चक्कर में पूरा बाजार ही रास्ते पर उतर आया है I*

शिवसेना के अध्यक्ष कौन बने ?
*बालासाहेब का बेटा*

अगले एनसीपी अध्यक्ष कौन होंगे ?
*शरद पवार …

धन से ज्यादा दौलत कमाये हुए रिश्तों की है

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धन से ज्यादा दौलत कमाये हुए रिश्तों की है  धन से ज्यादा दौलत कमाये हुए रिश्तों की हैमेरे पास कमाये हुए धन से ज्यादा दौलत कमाये हुए रिश्तों की है..!...मेने नोट नही, आप जैसे लोगो से रिश्ते कमाये है...! नोट खर्च हो जाते है, आप लोग का स्नेह नही। वे हर दम मेरे साथ थे, हे और रहेंगे...! उजियारे के इस पावन और पुनीत पर्व पर में ऐसे सभी रिश्तों और सम्बन्धों का हर बार की तरह पुन: पूजन करता हु...नमन करता हूँ।
 खेताँ में थांके केसर निपजे।
कोठाँ में भरयो रेहवे धान।।       


माँ लछमी थांके घरां बिराजे।
माँ सरस्वती बढावे थांको मान।।

गजानन्दजी रक्षा करे थांकी। याही अरज है म्हांकी।।         

थाने और थांके सगला परिवार ने
म्हारे और म्हारा सगला परिवार री
तरफ सूं

धनतेरस, रूपचौदस, दिवाली, गोरधन व भाईदूज री घणी-घणी शुभकामना और बधाई।
 "नाम हो गया हैं , मेरा नाम हो गया है
इस जीवन का  मालिक जबसे , श्याम हो गया हैं.."

#मेरा_मालिक_मेरा_श्याम


           शुभम करोति कल्याणम,
           अरोग्यम धन संपदा,
           शत्रु-बुद्धि विनाशायः,
           दीपःज्योति नमोस्तुते !

आपको एवं आपके परिवार को दिपावली क…

खुबसूरत मेरे शब्द नहीं वो है जिनके लिए हम लिखा करते है

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खुबसूरत मेरे शब्द नहीं वो है जिनके लिए हम लिखा करते है जो दूसरों को इज़्ज़त देता है*

 *असल में वो खुद इज़्ज़तदार होता है*
             *क्योकि*
*इंसान दूसरो को वही दे पाता है*
  *जो उसके पास होता है।*....
       रिश्ते कम बनाइये लेकिन उन्हे*
*दिल से निभाइये अकसर लोग ,*
*बेहतर की तलाश मे बेहतरीन खो देते हैं*.....

 *खुशी के फूल*
 *उन्हीं के दिलों में खिलते हैं,*
 *जो इंसान  की तरह*,
 *इंसानों  से मिलते हैं*.....
     हथेली पर रखकर नसीब
 तु क्यों अपना
मुकद्दर ढूँढ़ता है
तू आ साँवरे के दरबार
फिर देख कैसे मुकद्दर तेरा घर ढूँढ़ता है ll

 मेरे कान्हा...

किसी ने मुझ से कहा बहुत खुबसूरत लिखते हो यार,मैंने कहा …
खुबसूरत मेरे शब्द नहीं वो है जिनके लिए हम लिखा करते है

 *बाबा के एक दास की विनती सुन लो....*
*जो भी ये पोस्ट पढ़ रहे है वो अगर हर तरह से सम्पन्न है तो जो लोग किसी तरह के संम्पन्न लोग है तो जो परेशान चल रहे है उनको खाटूश्यामजी का रास्ता जरूर बता देना।*

*कहते थे श्री आलूसिंह जी प्रभु का सच्चा दरबार है*,
*सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है*

 *बाबा को हारे का सहारा इसीलिये नहीं कहा जाता ह…

खाटूवाले श्यामधणी की सम्पूर्ण अमर गाथा

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खाटूवाले श्यामधणी की सम्पूर्ण अमर गाथा  एक समय की बात हैं बैकुंठ पर दानव आक्रमण कर देते हैं। सारे देवतागण भगवान विष्णु के पास दौड़े दौड़े आते हैं और आग्रह करते है। कि हे श्री हरि त्राहीमाम इन दानवों से हमारी रक्षा कीजिये। देवताओं की परेशानी सुनके भगवान विष्णु के कुछ बोलने से पहले ही वहाँ उपस्थित यक्षगण में से एक गण जिसका नाम सूर्यवर्चा था बोला। इतनी सी बात के लिए आप सभी देवता गण विचलित हो रहे हो। उन दैत्यों के लिए तो में अकेला ही काफी हूँ , चलो में चलता हूँ। आप लोगों के साथ। इतना सुनकर ब्रम्हाजी क्रोधित हो गए। और सूर्यवर्चा को श्राप दे डाला कि हे सूर्यवर्चा तुमने अपने अहंकार से श्री हरि नारायण का अपमान किया हैं । में तुम्हे श्राप देता हूँ, तुम्हारा अगला जन्म राक्षस कुल में होगा। और इन्ही श्री हरि के हाथों तेरी मृत्यु होगी। इतना सुनते ही सूर्यवर्चा ने ब्रम्हाजी से माफ़ी मांग कर निवेदन किया। कि हे नाथ मुझसे भूल हो गई मुझे क्षमा करे, काफी विनती करने के बाद ब्रम्हाजी बोले कि हे सूर्यवर्चा मेरा श्राप कभी खाली नहीं जाता में तुम्हारे लिए इतना कर सकता हूँ कि मेरा श्राप तुम्हारे लिए वरदान बन जा…

खाटू श्याम बाबा की कहानी

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खाटू श्याम बाबा की कहानी 
राजस्थान के सीकर जिले में श्री खाटू श्याम जी का सुप्रसिद्ध मंदिर है. वैसे तो खाटू श्याम बाबा के भक्तों की कोई गिनती नहीं लेकिन इनमें खासकर वैश्य, मारवाड़ी जैसे व्यवसायी वर्ग अधिक संख्या में है. श्याम बाबा कौन थे, उनके जन्म और जीवन चरित्र के बारे में जानते हैं इस लेख में.

खाटू श्याम बाबा कौन हैं – Who is khatu shyam ji in hindi :

खाटू श्याम जी का असली नाम बर्बरीक है. महाभारत की एक कहानी के अनुसार बर्बरीक का सिर राजस्थान प्रदेश के खाटू नगर में दफना दिया था. इसीलिए बर्बरीक जी का नाम खाटू श्याम बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुआ. वर्तमान में खाटूनगर सीकर जिले के नाम से जाना जाता है. खाटू श्याम बाबा जी कलियुग में श्री कृष्ण भगवान के अवतार के रूप में माने जाते हैं.

खाटू श्याम बाबा की कहानी

श्याम बाबा घटोत्कच और नागकन्या नाग कन्या मौरवी के पुत्र हैं. पांचों पांडवों में सर्वाधिक बलशाली भीम और उनकी पत्नी हिडिम्बा बर्बरीक के दादा दादी थे. कहा जाता है कि जन्म के समय बर्बरीक के बाल बब्बर शेर के समान थे, अतः उनका नाम बर्बरीक रखा गया. बर्बरीक का नाम श्याम बाबा (Shyam Baba) कैसे …